Saturday, January 28, 2017

सुंदर एवं सुडोल पीठ लिए घरेलु उपाए
आजकल के इस बदलते दौर में महिलाओं का पहनावा पहले के समय के मुकाबले काफी बदल गया है. आज के समय में महिलाओं के बीच नीचे गले (deep neck) डालने का चलन तेज़ी से बढ़ता जा रहा है. गहरे गले के न सिर्फ ब्लाउज बल्कि सूट भी काफी पसंद किये जाते है. गहरे गले के कपड़े पहने जाने के बाद भी अधिकतर महिलाएं केवल अपने चेहरे की सुन्दरता की ओर ही ध्यान देती है. गर्दन, हाथ, बाल आदि का, और पीठ को साफ़ रखना उनके लिए आवश्यक ही नहीं होता. अक्सर महिलायें केवल अपने चेहरे को साफ़ करके ही सुन्दरता के प्रति संतुष्ट हो जाती है. इसी वजह से महिलाएं चेहरे से तो सुन्दर लगती है परन्तु जब नजर पीठ की ओर जाती है तो चेहरे की सुन्दरता की भी वैल्यू कम जाती है. इसलिए जितना जरूरी चेहरे आदि को साफ़ करना होता है उनता ही जरूरी पीठ को भी साफ करना होता है. गहरे गले के ब्लाउज व सूट आदि डालने के कारण महिलाओं की पीठ काफी खुली रहती है जिसके कारण पीठ बहुत जल्दी मैली हो जाती है. अतः यह आवश्यक है कि जितना ध्यान व समय चेहरे की खूबसूरती की ओर दिया जाता है उसमें से थोडा समय और ध्यान पीठ की ओर भी दिया जाए.

पीठ के सुन्दर न रहने के कारण :-

हमारी पीठ के साफ़ न रह पाने का सबसे बड़ा कारण यह होता है की हम स्वयं अपनी पीठ को आसानी से साफ़ नहीं कर पाते. हम अपने शरीर के उन अंगो को तो आसानी से साफ़ कर लेते है जिन्हें हम स्वयं देख सकते है और जहाँ हमारे हाथ आसानी से पहुँच जाते है. परन्तु पीठ को ना हम देख पाते है और ना ही हमारा हाथ आसानी से पहुँच पाता है. इसी कारण के रहते हम अपनी पीठ को ठीक प्रकार से साफ़ नहीं कर पाते है. नहाते समय भी हमारी पीठ ठीक प्रकार से साफ़ नहीं हो पाती है जिसके कारण धीरे-धीरे पीठ पर मैल की परतें जमना शुरू हो जाती है. मैल व गंदगी के कारण पीठ पर काले धब्बे भी हो जाते है जिनकी वजह से खुजली की समस्या भी उत्पन्न हो जाती है. इनके अलावा पीठ के खुले रहने के कारण भी इस पर धुल-मिटटी के साथ साथ धुप की तेज़ किरणों का हमारी पीठ पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. बाहर आने जाने के कारण हमारे शरीर के खुले हिस्सों का रंग धीरे धीरे काला पड़ने लग जाता है. जिससे हमारी सुन्दरता में कमी आने लगती है.

हमारी पीठ के मैले होने का कारण न केवल बाहरी धुल-मिटटी व धुप है बल्कि घर में रहते हुए भी कई कारणों से हमारी पीठ मैली हो जाती है. जैसे जिनके बाल तैलीय होते है तथा सिर में रुसी की समस्या होती है, सिर में रुसी होने के कारण कई बार रुसी कमर पर भी झड़ती है तथा बाल भी छुते है, जिसके कारण पीठ पर दाग आदि हो जाते है जो हमारी सम्पूर्ण सुन्दरता में बाधा बनते है. इसके अलावा रसोईघर में काम करते हुए पसीना आने के कारण भी अक्सर महिलाओं की कमर पर मैल जम जाता है. इसके साथ साथ गर्मी के मौसम में घुमोरियां भी एक बहुत बड़ा कारण है कमर के सुन्दर न दिखने का.

अधिकतर महिलाओं के मोटापे के कारण उनकी पीठ के दोनों ओर मांस बढ़ जाने के कारण भी पीठ भद्दी लगती है. इसके अलावा कुछ स्त्रियों के कमर पर बाल होते है जिसके कारण भी पीठ भद्दी लगती है. इन सब समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए समय समय पर पीठ को साफ़ रखना आवश्यक है साथ ही उचित खान-पान, नियमित व्यायाम, मालिश, ब्लीचिंग आदि तरीको को अपनाना चाहिए.

उपचार:- पीठ के कालेपन, दाने आदि अनेक समस्याओं के लिए इनकी कारण के अनुसार उचित उपाय अपनाने पर धीरे धीरे इन समस्याओं से निजात पाया जा सकता है.
  1. १.  यदि बालों में रुसी की समस्यां हो और जिसके कारण पीठ पर दाने हो रहे हो तो ऐसे में नहाते समय अपनी पीठ पर किसी औषधियुक्त साबुन या liquid का ही प्रयोग करे. नियमित इसके उपयोग से आपको दानो की समस्यां में लाभ मिलेगा.
  2. इसके अलावा इस बात का भी विशेष ध्यान रखे कि सिर धोते समय या बाद में गीले बालों का पानी आपकी पीठ को न छुए.
  3.  यदि किसी कारण से पीठ पर खुजली होती है तो रात को सोने से पहले अपनी पीठ पर अच्छी गुणवत्ता वाला एक्ने लोशन लगायें. इसके अलावा हर रोज ढीले वस्त्र पहन कर ही सोए. इससे खुजली की समस्या में आराम मिलेगा.
  4. पसीने, धूल-मिटटी व धूप के कारण पीठ पर मैल जम जाता है इसे हटाने के लिए हफ्ते में ३ से ४ बार नहाने से पहले पीठ पर थोडा-सा सरसों का तेल मलकर कुछ देर के लिए छोड़ दे फिर पीठ को मल-मलकर नहाएं जिससे सारा मेल अच्छी तरह से आसानी से छुट जाए.
  5. यदि आप मैल हटाने के लिए साबुन का प्रयोग कर रहे हो और साबुन के प्रयोग से भी मैल साफ़ नहीं हो रहा हो तो थोडा-सा मैदा दूध में मिला लें, एक गाढ़ा घोल तैयार कर लें. अब इस घोल को पीठ पर लगा लें. दस मिनट के बाद गुनगुने पानी से धो लें. इससे त्वचा का कालापन और धुप से झुलसी त्वचा दोनों में आराम मिलेगा.
  6. त्वचा के कालेपन को दूर करने के लिए निम्बू का प्रयोग भी उत्तम रहता है. कमर पर निम्बू का रस लगाने से काफी लाभ मिलता है. निम्बू को छोटे- छोटे टुकड़ों मे काटकर पूरी पीठ पर अच्छी तरह से मल लें. लगाने के दस मिनट बाद या सूखने पर ठन्डे पानी से कमर को अच्छी तरह से साफ़ कर लें.
  7. कई बार महिलाओं के कमर पर छोटे-छोटे बाल होने के कारण भी उनकी पीठ काली नजर आती है. इसके लिए ब्लीचिंग करना एक बेहतर उपाय है. ब्लीचिंग विधि का प्रयोग आप घर पर भी कर सकती है इसके लिए ब्लीचिंग पैक को किसी ब्रुश के द्वारा कमर पर लगायें. इस पैक को १० से १५ मिनट तक लगे रहने दें, फिर पीठ को गर्म पानी से धोकर कोई कोल्ड क्रीम लगा लें. इस विधि का प्रयोग महीने में दो बार करे. ऐसा करने से त्वचा का कालापन दूर हो जायगा साथ ही साथ त्वचा पर चमक आ जायगी. और अवांछित बाल भी छिप जायंगे.
  8. पीठ की त्वचा को सुन्दर, मुलायम व चमकदार बनाने के लिए महीने में कम से कम एक बार किसी अच्छे घरेलु और आयुर्वेदिक फेसपैक का प्रयोग किया जा सकता है. इसके अलावा बेसन का पैक बनाकर भी प्रयोग किया जा सकता है. इसके लिए थोड़े से बेसन में कुछ मात्रा में गुलाबजल व दूध मिला कर एक लेप बना लें. इसे मुँह, गर्दन तथा पीठ पर लगाये. सूखने के बाद ठन्डे पानी से साफ़ कर लें.

Sunday, January 22, 2017

ब्रेस्ट से सेल्यूलाइट डिम्पल हटाने के प्राकृतिक उपाय
आजकल के समय में बहुत से लोग अनचाहे सेल्यूलाइट डिम्पल के परेशान हैं और इसका सामना कर रहे हैं। शरीर के किसी हिस्से में सेल्यूलाइट डिम्पल का मुख्य कारण हमारी दोहरी जीवनशैली और गलत खानपान जैसे जंक फूड आदि है, हालांकि इसके लिए कुछ अन्य बातें भी जिम्मेदार होती हैं। सेल्यूलाइट डिम्पल शरीर के किसी भी स्थान या अंग पर हो सकता है जो त्वचा के नीचे जमे फैट या वसा की अतिरिक्त मात्रा की वजह से होने वाली एक समस्या है। महिला एवं पुरुष शरीर पर यह समान रूप से पाई जाती है और इनकी बनावट भी लगभग एक तरह की ही होती है। महिलाओं में सेल्यूलाइट डिम्पल मुख्यतः जाघों, पेट के आस पास के हिस्से, कूल्हों में दिखाई देती है इसके अलावा यह छाती या स्तन में भी दिखाई देने वाली एक आम समस्या बन चुकी है। शरीर के जिस हिस्से में सेल्यूलाइट डिम्पल होते हैं उस स्थान को बड़ी ही आसानी से पहचाना जा सकता है क्योंकि उस स्थान की त्वचा में गांठ की तरह का उठाव नज़र आता है जो सामान्य नहीं लगता, उपचार मौजूद हैं जो इस प्रकार हैं,

माका रूट की मदद से सेल्यूलाइट डिम्पल का इलाज (How to remove pimples from breasts by use of maca herb)

माका एक औषधिय गुणों वाला पौधा है जिसकी जड़ का इस्तेमाल कई तरह से औषधि की तरह किया जाता है, शलजम की तरह गहरे लाल या गुलाबी सा दिखने वाल आयाह छोटा पौधा पेरु, बोलिविया, अर्जेन्टीना आदि देशों में मुख्य रूप से पाया जाता है। इसकी जड़ को सुखकर पाउडर बनाकर इस्तेमाल करने से शरीर में वसा का जमाव कम होने के साथ ही साथ हार्मोन का संतुलन होता है। सेल्यूलाइट डिम्पल के आयुर्वेदिक उपचार (cellulite dimple ka aayurvedik upchar) के लिए यह खास रूप से प्रभावी है इसका चूर्ण या पाउडर बाज़ार में उपलब्ध है इसके अलावा ऑनलाइन स्टोर्स पर भी इसे आसानी से देखा जा सकता है।

सेल्यूलाइट को दूर करने के लिए एप्पल साइडर विनिगर का घरेलू उपाय (Remove cellulite dimple from breast with apple cider vinegar)

शरीर में हार्मोन के स्तर को संतुलित रखने के लिए एप्पल साइडर विनिगर बहुत उपयोगी होता है। त्वचा में इसके प्रयोग से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, इसके उपयोग के तरीके इस प्रकार हैं,
  • एक गिलास पानी में 2 चम्मच एप्पल साइडर विनिगर की मिलकर पीएं।
  • आप इसे किसी भी मसाज ऑइल में मिलाकर शरीर के प्रभावित हिस्सों में मालिश कर सकते हैं, यह शरीर में जमा फैट को निकालने में मदद करता है।
  • अपने बाथटब में गुनगुना पानी लें, इसमें कुछ मात्रा में बेकिन सोडा और सेंधा नमक के साथ इसे मिलाकर शरीर के प्रभावित अंगों को कुछ देर इस घोल में डुबोए रखें, ऐसा करने से भी सेल्यूलाइट डिम्पल में प्रभाव पड़ता है और यह जल्दी ही शरीर से दूर हो जाते हैं।

नारियल के तेल से स्तन में जमा सेल्यूलाइट फैट का इलाज (Coconut oil se cellulite dimple hatane ke upay Hindi me)

सेल्यूलाइट डिम्पल को दूर करने के लिए आप नारियल के तेल का इलाज घर पर ही आसानी के साथ कर सकती हैं, यह प्रक्रिया थोड़ी लंबी ज़रूर है लेकिन सेल्यूलाइट डिम्पल को सामान्य करने के लिए यह प्रयोग प्राकृतिक तरीके से बिना किसी नुकसान के अपना प्रभाव डालता है। इसके लिए नारियल के तेल की मसाल अपने शरीर के प्रभावित हिस्सों पर मालिश के साथ करें, नारियल का तेल त्वचा की अंदरूनी नमी को बनाए रखता है और यह ब्लड सर्कुलेशन को भी बेहतर करता है जिसकी वजह से त्वचा पर गांठ आदि गलकर सामान्य हो जाते हैं।

कार्डियो वस्कुलर एक्सरसाइज (How to remove cellulite naturally with cardio vascular exercise)

शारीरिक परिश्रम या एक्सरसाइज की कमी भी इसकी एक मुख्य वजह है।इसके लियी आपको दैनिक रूप से आसान और मेहनती एक्सरसाइज करने की आवश्यकता होती है जिससे शरीर में जमी चर्बी या वसा आसानी से निकल जाये। इसके लिए तेज चलना या साइकिलिंग जैसे व्यायाम उपयुक्त होते हैं। यह आपके शरीर में जमी वसा को जल्दी ही जलाकर पसीने के साथ बाहर निकाल देते हैं। सेल्यूलाइट डिम्पल को ठीक करने का यह सबसे सरल और आसान उपाय है।

सेहतमंद भोजन करें (Eat healthy to get rid of cellulite dimple naturally)

सेल्यूलाइट से बचने के लिए अधिक तेलयुक्त भोजन लेने से बचना एक बेहतरीन उपाय हो सकता है, इसके साथ ही अधिक चीनी या नमक वाली चीजों से भी दूर रहें। यह आपके शरीर में कैलोरी की मात्रा को बढ़ाकर वसा के रूप में जमा होती रहती है और मोटापे तथा सेल्यूलाइट जैसी समस्याओं को जन्म देती है।

ग्रीन टी से हटाएँ सेल्यूलाइट (How to remove cellulite fast with green tea)

सेल्यूलाइट के साथ मोटापा घटाने के लिए भी ग्रीन टी बहुत प्रभावी माना गया है। यह शरीर में जमा होने वाले फैट को जल्दी और कम समय में शरीर से बाहर निकालता है। इसमें पाये जान एवले एंटीऑक्सीडेंट फ्री रेडिकल्स से लड़ते हैं और शरीर को अंदर से डीटॉक्स करने का भी काम करते हैं। इससे शरीर के अंदर जमा विषैले तत्व बाहर आ जाते हैं और शरीर भीतर से साफ रहता है। अच्छे परिणामों के लिए आपको दिन में 3 से 5 बार ग्रीन टी का सेवन करना चाहिए।

सेल्यूलाइट हटाने के लिए जिलेटिन के उपाय (Cellulite dimple treatment in hindi with the use of gelatine)

कुछ स्टडीज़ में यह पाया है कि, कोलेजन का स्तर निम्न होना भी सेल्यूलाइट का एक मुख्य कारण है। जिलेटिन इस स्तर को बेहतर करने में मदद करता है जिसके पश्चात सेल्यूलाइट का निर्माण नहीं हो पाता या कम होता है। जिलेटिन एमिनो एसिड (amino acid) के अच्छे स्रोत होते हैं जो सेल्यूलाइट को आसानी से कम करने में मदद करते हैं और शरीर के किसी भी हिस्से में फैट के जमाव को रोकते हैं।

स्तन में जमा होने वाले सेल्यूलाइट के लिए टमाटर का पेस्ट (Cellulite dimple removal tomato paste)

टमाटर का पेस्ट शरीर में सेल्यूलाइट के निर्माण को कम करता है साथ ही रोकता भी है। इसका गाढ़ा पेस्ट बनाकर त्वचा में प्रभावित हिस्से में दिन में दोहराते रहें, इस विधि को लगातार कुछ हफ्तों तक करने से त्वचा में जमा फैट सेल्स में कमी आती है। कुछ टमाटर लेकर उसे मिक्सी में पीसकर पेस्ट बना लें और इसका प्रयोग त्वचा पर करें।

समुद्री शैवाल या सिवार से पाएँ सेल्यूलाइट के फैट से मुक्ति (Use of kelp for breast cellulite treatment)

कम लोग ही जानते होंगे कि समुद्री शैवाल या सिवार सेल्यूलाइट के उपचार में अत्यंत ही लाभकारी होता है। इसमें मौजूद घटक शरीर में त्वचा की परत के नीचे जमा चर्बी को कम कर त्वचा व शरीर को सामान्य बनाता है। इसके प्रयोग के लिए आप इसे मौसमी व्यंजनों जैसे सूप आदि में डालकर खा सकते हैं।
सेल्यूलाइट पुरुषों कि अपेक्षा महिलाओं में अधिक सामान्य रूप से देखा जा सकता है। यह कोई गंभीर समस्या नहीं है और इसका इलाज घर पर इन्हीं कुछ सामान्य तरीकों से आसानी से किया जा सकता है। सेल्यूलाइट डिम्पल से दूर रहने के लिए आपको एक नियमित दिनचर्या और खानपान का तरीका अपनाना बहुत ज़रूरी है। साथ ही तेल से बनी चीजों, तले भुने आदि भोजन से दूरी बनाकर रखें और व्यायाम के साथ संतुलित भोजन व सेहतमंद भोजन शैली अपनाए।
 त्वचा के दाग धब्बे हटाने के बेहतरीन घरेलू उपाय और बेस्ट आहार जो आपकी त्वचा की रंजकता घटायें
पिग्मेंटेशन (Pigmentation) या त्वचा की रंगत में बदलाव त्वचा के वास्तविक रंग से संबंध रखता है। पिग्मेंटेशन का शिकार होने वाले लोगों को पैच स्किन और त्वचा का रंग गहरा होने की समस्या का सामना करना पड़ता है। यह समस्या शरीर में मेलानिन की वजह से होती है।

मेलानिन वह घटक है जो त्वचा की ऊपरी परत में मौजूद होता है यह मेलानिन नामक तत्व मेलानोसाइट्स के द्वारा निर्मित होता है। मेलानिन का मुख्य कार्य त्वचा में मौजूद होकर सूर्य की तेज किरणों के द्वारा आने वाली अल्ट्रा वाइलेट किरणों से त्वचा की सुरक्षा करना होता है। यह त्वचा की सुरक्षा के लिए छाते की तरह कार्य करता है। जब इन मेलानिन तत्वों की मात्रा त्वचा में अत्यधिक हो जाती है तो डार्क स्किन और पैच स्किन जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है। इसके विपरीत अगर, मेलानिन की मात्रा कम होती है तो स्किन का रंग हल्का गहरा होता है।
त्वचा में होने वाले इन गहरी रंगत की शिकायत किसी भी उम्र के महिला या पुरुष को हो सकती है जिसके अनेक कारण हो सकते हैं जैसे- तनाव या चिंता, लगातार सूर्य की तेज किरणों का संपर्क, गर्भनिरोधक दवाएं, मेनोपोज़, त्वचा के लिए लिए जाने वाले उपचार और यहाँ तक की प्रेग्नेंसी भी इस समस्या का एक मुख्य कारण हो सकती है। यह कोई बहुत गंभीर समस्या नहीं है लेकिन यह स्थिति लोगों के सामने आपको खूबसूरत और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करने में असमर्थ होती है क्योंकि यह आपकी त्वचा से जुड़ा हुआ विषय है।
यह जानकार आपको भी आश्चर्य होगा की जीवनशैली और हमारे खानपान की आदत का सीधा असर भी त्वचा से संबन्धित समस्याओं पर पड़ता है। यहाँ नीचे दिये गए आहारों की कुछ सूची दी गई है जो आपके लिए त्वचा की परेशानियों को दूर करने में मददगार साबित होते हैं, अगर आप प्राकृतिक तरीके से त्वचा की परेशानियों से मुक्ति चाहते हैं तो आपको विभिन्न तरह के विटामिनों के साथ इन भोजन शैली को अपनाने की आवश्यकता है।
इन विटामिनों के सेवन से करें स्किन पिग्मेंटेशन का घरेलू इलाज (Skin pigmentation is mainly due to Lack of these vitamins)

विटामिन ए से भरपूर भोजन (Foods rich in vitamin A)

कई तरह की सब्जियों में विटामिन ए की भरपूर मात्रा पाई जाती है, इन सब्जियों को आप अपने पास के बाज़ार से बड़ी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। ये सभी सब्जियाँ त्वचा के गहरे रंग और दाग धब्बों को प्राकृतिक तरीके से हल्का करने में सहायक हैं। इनकी सबसे बड़ी खासियत यह है की ये सब्जियाँ एंटीऑक्सी डेंट से भी भरपूर होने की वजह से शरीर और त्वचा के भीतरी डैमेज को सुधारने का काम करती है। इन सब्जियों में पालक, सलाद पत्ते, ब्रोकली, शिमला मिर्च और शकरकंद आदि शामिल हैं। इनमें से किसी भी एक सब्जी का नियमित उपयोग करने पर त्वचा पर सकारात्मक प्रभाव जल्दी ही दिखाई देने लगेगा।

विटामिन ई से भरपूर भोजन (Skin pigmentation treatment with Vitamin E – Foods rich in vitamin E)

त्वचा को विटामिन ई की वजह से होने वाले फ़ायदों की बहुमूल्यता से हम सभी परिचित हैं, त्वचा की सेहत के लिए विटामिन ई सबसे बेहतर तरीके से काम करता है जो बाहरी प्रयोग के साथ साथ भोजन के द्वारा भी ग्रहण किया जा सकता है। स्किन को ग्लो दें एसे लेकर तेज डीपी से बचाने के लिए भी विटामिन ई का प्रयोग बहुत अच्छा माना गया है। यह भी स्किन डैमेज को खतरों को काम कर स्किन की भीतर से सुरक्षा का काम करता है। विटामिन ई ग्रहण करने के लिए आपको अपने आहार में नियमित रूप से एवाकेडो, सेब, ब्रोकली, ग्रीन टी, सूखे मेवे और टमाटर आदि का सेवन करना चाहिए, यह फीकी पड़ती त्वचा और दाग धब्बों को त्वचा से दूर करने में मदद करते हैं। यह त्वचा के गहरे रंग को भी नियमित प्रयोग के द्वारा हल्का कर सकते हैं।

विटामिन बी12 से भरपूर भोजन (Foods rich in vitamin B12)

महिलायरें तथा पुरुष दोनों ही स्किन पिग्मेंटेशन की समस्या से ग्रसित हैं। विटामिन बी12 की कमी से भी त्वचा में इस तरह की समस्या दिखाई देती है। अगर आप भी इस कमी से त्वचा संबंधी समस्या का सामना कर रहे हैं तो आपको इसकी पूर्ति करने की हरसंभव कोशिश करनी चाहिए। विटामिन बी12 से भरपूर भोजन का सेवन कुछ हफ्तों तक लगातार करने से इस कमी को पूरा किया जा सकता है।
अधिकांश मांसाहारी भोज्य पदार्थों में विटामिन बी12 पाया जाता है, आप इसने सेवन से इस कमी को पूरा कर सकते हैं। इसके लिए अंडे, बीफ़, लीवर, मटन और डेयरी उत्पादों में दूध और पनीर आदि का सेवन करना चाहिए।

विटामिन सी से भरपूर भोजन (Skin pigmentation treatment in Hindi – Foods rich in vitamin C)

विटामिन सी के सेवन से शरीर को बेहतर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट प्राप्त होते हैं। प्रतिदिन के हिसाब से इसका 1500mg मात्रा का किया गया सेवन स्किन पिग्मेंटेशन को दूर करता है और साथ ही त्वचा को दाग धब्बों से रहित बनाता है। यह त्वचा को चमकदार और उजला निखार भी देता है, विटामिन सी की उचित मात्रा आपके चेहरे को ब्राइटनेस के साथ बेहतरीन निखार देती है।
यह ज्ञात है की विभिन्न प्रकार के विटामिनों का सही और उचित मात्रा में किया गया प्रयोग शरीर को कई तरह की समस्याओं से बचाता है और यह खास तौर पर त्वचा के लिए बहुत बेहतरीन तरीके से काम करता है। स्किन पिग्मेंटेशन की समस्या को दूर करने के घरेलू उपाय के साथ साथ त्वचा की बाहरी सुरक्षा भी ज़रूरी होती है। इसके लिए आपको अपनी स्किन के टाइप का ध्यान रखते हुये सही प्रॉडक्ट का चुनाव करना चाहिए। धूप में निकलने के कुछ देर पहले ही त्वचा पर SPF 30+ वाला सनस्क्रीन लोशन लगाना चाहिए ताकि धूप की तेज किरणों से त्वचा का बचाव हो सके। अल्ट्रा वायलेट किरणों से बचाव के लिए बाज़ार में खास तौर पर कुछ उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध होते हैं जिन्हें आप ऑनलाइन या अपने आस पास की किसी बड़ी दुकान से प्राप्त कर सकते हैं।
चेहरे कि सुन्दरता और त्वचा के लिए एक्टिवेटेड चारकोल के उपयोग जानिए अभी
एक्टिवेटेड चारकोल का पहली बार प्रभावी प्रयोग प्रथम विश्व युद्ध के डोरण गैस मास्क में किया गया था जो फ़ौजियों को जहरीले केमिकल से बचाने में मदद करता था। इसके बाद 1930 में चारकोल का प्रयोग मुख्य रूप से पानी को स्वाधीन और गंदरहित बनाने के लिए किया जाने लगा और यह प्रविधि कई दशकों तक लगातार चलती रही। यह एक्टिवेटेड चारकोल भी दिखने में सामान्य चारकोल की ही तरह होता है इसकी खास बात यह होती है कि इसका प्रयोग उपचार के लिए किया जाता है। यह त्वचा की सतह पर समान रूप से फ़ेल कर पोरों के माध्यम से भीतर गहराई में प्रवेश कर लेते हैं और भीतर के टॉक्सिन या जहरीले तत्वों को खींचकर बाहर निकाल देते हैं। इसका प्रयोग रासायनिक क्रियाओं और इलाज के क्षेत्रों में किया जाता है। पर यहाँ हल इस काले चारकोल के कुछ ऐसे बेहतरीन गुणों की बारे में बताने जा रहे हैं जो वाकई बहुत दिलचस्प है, क्या आप यह जानते हैं कि यह काले रंग का पदार्थ चारकोल, त्वचा और हमारी सुंदरता को बेहतर करने में कितना मददगार होता है?

एक्टिवेटेड चारकोल के गुण (Benefits of activated charcoal)

दांतों को साफ करने के लिए चारकोल के उपयोग (Teeth whitening)

यह सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है की कैसे यह काला सा दिखने वाला पदार्थ दांतों को सफ़ेद करने में उपयोगी है, लेकिन यह सच है की चारकोल दाँतो की सफाई के लिए बहुत सहायक होता है। एक्टिवेटेड चारकोल का पाउडर दाँतो को सफ़ेद कर उसे नए जैसी चमक प्रदान करता है। अपने रोज के टूथपेस्ट में ऊपर से एक्टिवेटेड चारकोल के पाउडर की कुछ मात्रा को छिड़क लें और इससे दाँतो में ब्रश करें। यह शुरुआत में आपको अजीब लग सकता है लेकिन जल्दी ही आप इसके अभ्यस्त हो जाएंगे क्योंकि इसमें किसी तरह की गंध या कोई भी स्वाद नहीं होता। तो जब भी आप इससे ब्रश करें तो अच्छी तरह कुल्ला कर मुंह से इसके कणों को निकल जाने दें। इसके प्रयोग से आपको केवल 2 हफ्तों के भीतर ही सकारात्मक परिणाम नज़र आने लगेंगे।

टिप्स (Tips)

  • एक्टिवेटेड चारकोल के कण या पौदरे आपकी त्वचा में चिपकता नहीं और आसानी से बाहर निकल जाता है लेकिन यह कपड़ों के संपर्क में आने पर कपड़ों में ही रह जात है, तो इसे प्रयोग के पहले गीले कागज या कपड़े से अपने शरीर के अन्य अंगों को सुरक्षित कर लेना बेहतर होगा।
  • संवेदनशील दांतों के लिए इसका उपयोग उपयुक्त नहीं होता है। अगर आपको अभी तक नहीं पता कि आपके दाँत संवेदनशील है या नहीं तो समय के साथ अपने दाँतो के कमजोर एनामेल पर ध्यान दें, अगर आपको लगता है कि आपके डाँड संवेदी हैं तो इस प्रयोग को कम बार दोहराएँ और एक बार दांतों में सफेदी आ जाने के बाद इसके प्रयोग को बंद कर दें।

बढ़ती उम्र के प्रभावों से बचाता है चारकोल (Anti-aging)

चारकोल किडनी तथा लीवर में कोशिकाओं को नष्ट होने या डैमेज से भी बचाता है। यह हमारे शरीर की एड्रीनल ग्रंथि की सेहत कि भी सुरक्षा का काम करता है। रासायनिक रूप से इसका प्रयोग जहरीले तत्वों को बाहर निकालने के लिए किया जाता है, शरीर के भीतर भी यह इसी तरह का कार्य करता है। यह भोजन और आस पास के वातावरण की वजह से हमारे शरीर में प्रवेश कर चुके टॉक्सिन को बाहर निकालने का कार्य करता है। रोजाना इसकी 2 केप्सूल खाने से उम्र के पहले दिखाई देने वाले त्वचा संबंधी विकार दूर हो जाते हैं। यह हमारे शरीर की संज्ञानात्मक तंत्र की भी मरम्मत कर उसे बेहतर काम करने के लिए प्रेरित करता है। यह किडनी और लीवर की सुरक्षा और मरम्मत के साथ पाचन क्रिया को भी बेहतर करता है।
नाक के ऊपर के छिद्रों को बंद करने के उपाय, नोज पोर्स को कैसे बंद करें
नाक के ऊपर काले काले बिन्दुनुमा छिद्र देखने में कभी भी सुंदर नहीं लगते और ये काले बिन्दु नाक के ऊपर कुछ ज़्यादा और जल्दी ही नज़र में आ जाते हैं जो आपकी खूबसूरती को कम करने का काम करते हैं। आप चाहें इन्हें कितना ही नापसंद क्यों न करें लेकिन ये जिद्दी काले पोर्स आपका साथ नहीं छोडते और उपायों के कुछ दिन बाद फिर से वापस आ जाते हैं।

हमारी त्वचा में हर जगह पोर्स या छोटे छोटे छिद्र होते हैं, पर नाक और ठोड़ी के आस पास की जगह में ये ज़्यादा साफ दिखाई देते हैं, जिनका मुख्य कारण पर्यावरण का प्रदूषण और गंदगी है, त्वचा के इन पोर्स में डेड स्किन, धूल मिट्टी के कण और मैल आदि जमा होता रहता है जिसकी वजह से ये रॉम छिद्र बंद हो जाते हैं और इनमें जमा गंदगी काले काले बिन्दु के रूप में उभर आती हैं। इन्न पोर्स का मुख्य काम त्वचा को प्राकृतिक तरीके से तेल या नमी प्रदान करना है जो त्वचा को मुलायम और नैचुरल तरीके से कोमल बनाए रखती है। जब यह पोर्स गंदगी से बंद हो जाते हैं तो त्वचा के अंदर तेल या नमी का प्रवेश भी बंद हो जाता है। तेल न पहुँच पाने की स्थिति में त्वचा में फैलाव उत्पन्न होता है और ये पोर्स पहले से अधिक बड़े और स्पष्ट नज़र आने लगते हैं जो वाकई खराब दिखते हैं।
सबसे अच्छी बात यह है कि, अगर आप नियमित रूप से त्वचा की ठोड़ी देखभाल करें तो इन पोर्स से आप छुटकारा पा सकती हैं। अगर आपके नाक के पोर्स भी बड़े और साफ दिखते हैं तो आप इन्हें कुछ आसान उपायों से आसानी से दूर कर सकती हैं।

भाप के द्वारा नाक के पोर्स को साफ करने के उपाय (Face steaming to unclog nose pores, unclog nose pores at home)

भाप द्वारा चेहरे के किसी भी स्थान के पोर्स को आसानी से खोला जा सकता है, इसके द्वारा पोर्स को खोलकर उसमें जमा गंदगी और मैल इत्यादि बाहर निकल जाते हैं और पोर्स दोबारा सांस लेने में सक्षम हो जाते हैं। नीचे दिये गए इन चरणों के माध्यम से आप पोर्स को अनक्लोग कर सकते हैं।
  • फेशियल स्टिमिंग बंद पोर्स को खोलने का आसान तरीका है। सबसे पहले अपनी त्वचा या चेहरे पर लगा मेकअप निकाल लें। मेकअप उतारने के लिए मेकअप रिमूवर या ऑइल क्लिंजिंग की मदद ली जा सकती है। आप अपनी सहूलियत के अनुसार उत्पाद का चुनाव कर सकते हैं लेकिन इतना ध्यान रहे कि आपकी त्वचा से मेकअप का पूरा अंश निकल चुका हो और किसी भी तरह का कोई हिस्सा आपकी त्वचा में नहीं होना चाहिए।
  • अब गुनगुने पानी के साथ किसी सौम्य फेशियल क्लिंजर का इस्तेमाल करें। अपने चेहरे को गीला कर क्लिंजर की मदद से 1 मिनट तक हल्के हाथों से मसाज करें। मसाज करते वक़्त नाक और ठोड़ी की जगहों पर विशेष ध्यान देते हुये उन जगहों पर ज़्यादा बार मसाज दोहराएँ। 1 मिनट हो जाने के बाद हल्के गरम पानी से चेहरे को धोकर सूखा लें, चेहरे को साफ तौलिये से पोछें और रगड़कर न सुखाएँ।
  • चेहरे पर भाप देने के लिए फेशियल स्टीमर होना ज़रूरी नहीं है बल्कि आप घर पर ही एक मोटे तौलिये और छोड़े मुंह वाले बतरण या पैन के द्वारा ही स्टीम ले सकती हैं। एक बर्तन में पर्याप्त मात्रा में पानी लें और इसे बुलबुले उठते तक उबालें। पैन को आग से हटाकर बाहर रखें। एक मोटा तौलिया लें और इसे अपने सिर के ऊपर रखकर कवर करें। अपना चेहरा पैन से उठ रही भाप की ओर रखें और ऊपर से तौलिया आपके सिर पर ढंका हुआ होना चाहिए ताकि भाप बाहर न निकल जाये और आपके स्किन पर पर्याप्त भाप पड़ सके। ध्यान रखें कि आपका चेहरा गरम पानी की भाप से पर्याप्त दूरी पर हो।
  • 8 से 10 मिनट तक भाप लेने के बाद टॉवल को सिर से हटा लें, इसके बाद अपने चेहरे को सामान्य पानी धोकर साफ करें, इससे चेहरे के पोर्स में जमा गंदगी आदि निकल जाएगी, इसके बाद चेहरे को पोंछ कर ठंडे पानी से दोबारा चेहरा अच्छी तरह साफ कर सुखाएँ।
  • अपने चेहरे को सुखाने के बाद नॉन-अल्कोहल टोनर तुरंत अपने चेहरे पर लगा लें ताकि आपके पोर्स अच्छी तरह बंद हो जाएँ।
  • टोनर लगाने के बाद कोई सौम्य मोश्चराइजर अपनी त्वचा में लगा लें, क्योंकि भाप लेने की प्रक्रिया के दौरान आपको त्वचा की नमी खो जाती है इसी नमी को बनाए रखने के लिए सौम्य मोश्चराइजर लगाना बहुत ज़रूरी होता है।

Friday, January 13, 2017

2 हफ़्तों में दूर करें झुर्रियां
प्रदूषण, धूल-मिट्‌टी, तनाव, धूप और दौड़भाग न जाने कितनी चीजों का सामना हमारी त्वचा को प्रतिदिन करना पड़ता है। ऐसे में समय रहते उचित देखभाल न करने से उम्र के पहले ही चेहरे पर झुर्रियों पड़ जाती हैं। चिरयुवा बने रहने तथा सौंदर्य कायम रखने में सबसे बड़ी बाधा हैं झुर्रियों की समस्या। बढ़ती उम्र के निशान सबसे पहले चहरे पर ही नजर आते हैं। यदि त्वचा की उचित तरीके से देखभाल की जाए तो वर्षो तक चेहरा स्निग्ध व कमनीय बना रहेगा।



नैसर्गिक रूप से महिलायें अपने सौंदर्य के प्रति सचेत रहती हैं, कभी-कभी असमय ही झाईयां-झुरियां होने की समस्या उत्पन्न हो जाती है। आमतौर पर झुर्रियां बढ़ती उम्र की निशानी मानी जाती है लेकिन जिस तरह से हमारे खानपान व जीवनशैली में बदलाव आया है, उम्र में ही चेहरे पर झुर्रियां नजर आने लगी है। झुर्रियां अक्सर शरीर के भागों में होती हैं जो अक्सर खुला, नाजुक और कोमल रहता है।

कैसे पड़ती है झुर्रियां
झुर्रियों का प्रमुख कारण त्वचा की खुश्की है। त्वचा की प्राकृतिक चिकनाई होने लगती है। जिसके कारण त्वचा और आंखों के आसपास लकीरें होने लगती है। क्रोध, चिंता, शोध, झुंझलाहट, तनाव आदि का असर त्वचा पर पड़ता है। तनावयुक्त रहने पर हमारे माथे पर सलवटें पड़ती है जिससे वहां की त्वचा में ढीलापन आकर त्वचा लटक जाती है और झुर्रियां पड़ने लगती है।

अधिक धूप आंतरिक त्वचा के लिये नुकसानदायक है। तीव्र धूप त्वचा की स्कीन को सोखकर उसे सिकोड़ देती है जो अंखों के नीचे झुर्रियों का कारण होते हैं। ठंड के प्रकोप से भी त्वचा कठोर हो जाती है और झुर्रियां नजर आने लगती है।

साबुन में मौजूद कॉस्टिक सोडा त्वचा के रहे- सहे तेल को भी सोख लेता है। जिससे कम उम्र में ही हमारे चेहरे पर झुर्रियां नजर आने लगती हैं। कॉस्मेटिक का अधिक उपयोग भी त्वचा के लिए हानिकारक है।

कॉस्मेटिक्स त्वचा के भीतर जाकर उसके रोमछिद्रों को अवरूद्ध कर देते है। जिससे त्वचा की सही तरीके से सफाई नहीं हो पाती और धीरे-धीरे हमारे चेहरे पर झुर्रियां नजर आने लगती है।

कहां होती है झुर्रियां

झुर्रियां अक्सर हमारे चेहरे और गर्दन पर होती है। चूँकि ये शरीर के वे भाग हैं, जो सबसे ज्यादा धूप व बाहरी वायु के सम्पर्क में होते है। आंखों के नीचे से शुरू होकर झुर्रियां गर्दन के आसपास भी होने लगती है।

झुर्रियों से बचाव तथा उपचार

झुर्रियों से मुक्ति पाने का एकमात्र व सर्वश्रेष्ठ उपाय है, इससे बचाव। झुर्रियों से त्वचा को बचाने के लिए हमें अपने खानपान व जीवनशैली पर विशेष ध्यान देना होगा।


  • * प्रोटीन तथा तैलीय तत्वों से युक्त भोजन लें, किन्तु वह गरिष्ठ न हो इसका भी ध्यान रखें। बादाम, गाजर व आंवले का सेवन अत्यंत लाभप्रद है।
  • *नियमित व्यायाम करें। योग अभ्यास से भी त्वचा कसावदार व कांतिपूर्ण होती है।
  • *त्वचा को रूखा न रहने दें मलाई या माइश्चराइजर का प्रयोग करें। चेहरे के लिए हमेशा ग्लिसरीनयुक्त साबुन का प्रयोग करें।
  • * नियमित रूप से चेहरे की मालिश झुर्रियां रोकने में सहायक है।
  • * तनाव चिंता से दूर रहें दैनिक व्यवहार में सौम्य व प्रसन्न रहें।
  • * पानी भरपूर पिएं।


झुर्रियां समाप्त करने के नुस्खे

  • *कच्चे दूध से चेहरा साफ करने तथा फेस पैक में शहद और संतरे का रस मिलाकर लगाने से त्वचा में निखार आता है।
  • *नीम, पुदीना, तुलसी की पत्ती का पाउडर और मेथी पाउडर एंटीसेप्टिक का काम करता है।
  • लाल चंदन शीतलता और चिकनाहट प्रदान करता है।
  • * टमाटर और नीबू का रस मिलाकर शरीर पर लगाएं। नहाते समय इस लेप को रगड़कर छुड़ा दें। कुछ सप्ताह तक ऐसा करने से त्वचा कोमल हो जाती है।
  • *शहद में मलाई और नीबू का रस मिलाकर अच्छी तरह मिक्स कर चेहरे व आंखों के नीचे लगाएं। इससे आंखों के नीचे का कालापन दूर होकर झुर्रियां समाप्त होती है।
  • * मूली कसकर रस निकालें व समान मात्रा में मक्खन मिलाकर चेहरे व गर्दन पर लगाएं, एक घण्टे बाद कुनकुने पानी से धो लें।
  • * गरम पानी में संतरे के छिलके डाल दें, रात भर पड़ा रहने दें। सुबह इसी पानी से चेहरा धोएं । ऐसा करने से त्वचा में कसाव आता है।
  • *पपीते का गुदा मसलकर चेहरे पर लगाएं। कुछ देर बाद चेहरा साफ कर लें। कुछ दिन लगातार ऐसा करने से झुर्रियों से मुक्ति मिलती है।
  • *आधा चम्मच मलाई में नींबू की चार- पांच बूंदे मिलाकर सोने से पहले चेहरे पर अच्छी तरह मलें। दोनों हाथों से मलाई तब तक मलते रहें जब तक कि मलाई घुलकर त्वचा में एकसार न हो जाए।
  • *खीरे को कद्दूकस कर चेहरे पर लगाने से त्वचा कांतिमय होती है।
  • *त्वचा की झुर्रियां मिटाने के लिए गाजर, टमाटर और चुकंदर का रस नियमित पिएं।
  • * ई और ओ बोलते हुये एक बार चेहरे को फैलाएं और फिर सिकोड़ें। इससे गालों का अच्छा व्यायाम होता है। जिसमें गालों की पुष्टि होती है और झुर्रियों से बचाव।
  • * त्वचा पर बढ़ती झुर्रियां समय से पहले आपकी आयु बढ़ा देती हैं। इन्हें छिपाने के लिए लोग भांति भांति के कास्मेटिक्स प्रयोग करते हैं किन्तु मुख्य सफलता इन्हें छिपाने के बजाए हटाने में है।
  • *हल्दी शहद पेस्टः हल्दी में शहद मिलाकर पेस्ट बना लें और उसे गले और चेहरे पर लगाएं। 10-15 मिनट बाद इसे पानी से धो लें।
  • * चावल के आटे का पेस्टः एक कप चावल के आटे में दूध और गुलाब जल मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बनाएं। इसे चेहरे, गले और माथे पर लगाएं और 20 मिनट तक छोड़ दें और फिर पानी से धो लें।
  • *चंदन पाउडरः छाछ पाउडर न केवल त्वचा से झुर्रियां हटाने में सहायक है बल्कि चेहरे से मुंहासो को भी दूर करता है। चंदन पाउडर में गुलाब जल डालकर चेहरे पर लगाएं और 7-10 मिनट बाद पानी से धो लें।
  • *दूध, टमाटर और हल्दी पेस्टः कच्चे दूध में टमाटर की प्योरी, चावल का आटा और हल्दी पाउडर मिलाकर पेस्ट बना लें और चेहरे पर लगाएं। थोड़ी देर प्रतीक्षा करें और सूखने के बाद नर्म हाथों से अच्छी तरह धोएं। इससे त्वचा टाइट रहती है।
  • *टमाटर और हल्दी पेस्ट में छाछ या गन्ने का रस मिलाकर लगाने से झुर्रिया तो कम होती ही हैं झाईं भी दूर होती हैं।