Saturday, January 28, 2017

पीरियड्स चक्र माहवारी या मासिक धर्म में देरी पैदा करने वाले भोजन
पीरियड्स माहवारी या मासिक धर्म आप कोई भी नाम से पुकार ले, यह एक औरत के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा और प्राकृतिक घटना है। पीरियड्स को महिला के प्रजनन के लिए तैयार होने का प्रतीक के रूप में भी जाना जाता है। 22, 28, 30 दिनों के अंतराल के बाद पीरियड्स आते है और यह हर माह इसी चक्र से जारी रहते है।




पीरियड्स हमेशा पूर्ण समय पर हो यह जरूरी नही है, कई बार यह अपनी अवधि से पहले या फिर देरी से भी आती है, हार्मोनल असंतुलन को मासिक धर्म चक्र बाधित करने की मुख्य वजह के रूप में जाना जाता है लेकिन हर बार देरी की वजह यही हो यह कतई जरूरी नही है। पीरियड्स में देरी के बाद विवाहित महिला के मन में सबसे पहला ख्याल गोलियां लेने का आता है जो कि गलत है।

आपको जानकार हैरानी होगी कि खाद्य पदार्थ भी कई बार पीरियड्स देरी की एक वजह बनते है। आइयें आपको उन मुख्य फूड्स के बारें में जानकारी देते है जो वास्तव में कई बार पीरियड्स देरी के कारण होते है।

नोट : उपाय को अजमाने से पहले अपने चिकत्सक से अपनी बॉडी के अनुरूप सलाह लेने के बाद ही इनका प्रयोग करें। 

सेब का सिरका : एप्पल साइडर सिरका पीरियड्स में देरी के लिए प्रभावी होता है। वसा घटाने और मधुमेह के लिए तो सेब सिरके को अच्छा माना ही जाता है लेकिन आपात स्थिति में अगर पीरियड्स में देरी लानी हो इसे प्रभावी घरेलू उपाय के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। सेब का सिरका पीरियड्स तिथियाँ को आगे की तरफ तो धक्का देता है साथ में रक्त प्रवाह में कमी भी लाता है। एक गिलास पानी में 3 चम्मच एप्पल साइडर सिरका मिला ले और एक सप्ताह में तीन बार इसका सेवन करें। यह उपाय पीरियड्स में एक सप्ताह तक की देरी ला सकता है।

चना दाल : आप मानो या ना मानो लेकिन चना दाल पीरियड्स चक्र पर एक बड़ा प्रभाव डालती है। उदाहरण के लिए यदि आप अपने पीरियड्स से एक सप्ताह पहले चना दाल का सूप हर रोज खाते है तो इसकी उम्मीद अधिक है कि आपके पीरियड्स में दरी हो सकती है। आप इस दाल का प्रयोग पाउडर, सूप या फ्राई किसी भी रूप में करते है यह पीरियड्स पर प्रभाव डाल सकती है। 

खीरा : गर्मियों में खीरे के सेहत के सबसे अधिक लाभदायक माना जाता है लेकिन ठंडे पदार्थों वाले इस खाद्य पदार्थ का प्रयोग आप कुरकुरे सब्जी या फिर सलाद के रूप में करती है तो शरीर पर एक शीतलन प्रभाव डालने वाली यह सब्जी आपके पीरियड्स में देरी भी ला सकती है। अपने पीरियड्स डेट से एक सप्ताह पहले खीरे का अधिक उपभोग मासिक धर्म चक्र कुछ देरी पैदा कर सकता है।

तरबूज : खीरे की तरह ही तरबूज के भी गुण होते है। पीरियड्स के लिए शरीर को अतरिक्त गर्मी की जरूरत होती है लेकिन तरबूज आपको बॉडी को शीतल करती है इसलिए यह पीरियड्स चक्र में बाधा उत्पन्न कर उनमे देरी लाता है। अगर आप पीरियड्स को समय पर जारी रखना चाहती है तो कुछ सप्ताह पहले से तरबूज का सेवन पीरियड्स आने तक कम या बंद कर दें।

जिलेटिन : पीने के पानी के साथ जिलेटिन मिश्रित होता है तो यह पीरियड्स प्रवाह को रोकने में मदद कर सकता है।

हर बार पीरियड्स में देरी के लिए गोली लेना बंद कर दे क्योकि गोलियों का सेवन निकट भविष्य में पीरियड्स देरी का कारण भी बन सकती है। माहवारी में देरी की समस्या उत्पन्न ना हो इसके लिए जरूरी है कि पीरियड्स में देरी होने के कारणों को अच्छी तरह से जान लिया जाएं और उचित जाँच करके इस समस्या को सुलझाने का प्रयास हो।
ऑफिस में पहने जाने वाले कपड़े या आपके ऑफिस आउटफिट्स कैसे होने चाहिए ,जानिए
आज के दौर को देखते हुये यह बात दावे के साथ कही जा सकती है कि ऑफिस में पहने जाने वाले कपड़े या आपके ऑफिस आउटफिट्स आपके एटीट्यूड के लिए महत्व रहता है और आपके व्यवहार का भी परिचय देने में काफी होता है। नौकरी के क्षेत्रों में अभी भी सूट और टाई का विशेष महत्व है। ऑफिस के शुरुआती दिन आरामदायक कपड़ों से थोड़े दूर ही होते हैं और आपको कैजुअल ड्रेस का इस्तेमाल नियमित रूप से करना पड़ता है। यह ज़रूरी भी है क्योंकि आपक्जा पहला इंप्रेशन ही आपका आखिरी इंप्रेशन भी होता है, शुरुआत में आप किसी पर अपना जो प्रभाव छोड़ देते हैं उसकी छबि सामने वाले के दिमाग में हमेशा के लिए वैसी ही बन जाती है जिसे मिटाना थोड़ा मुश्किल होता है, इसीलिए अपने ऑफिस के शुरुआती दिनों को कैजुअल बनाने की कोशिश करें। आपके द्वार अपहने गए कपड़े, जूतों, टाई आदि से आपकी पर्सनालिटी की पहचान होती है और ऑफिस में पहले से ही मौजूद अनुभवी लोग आपके इस पहनने के ढंग से आपके बारे में बहुत कुछ आपके बिना बताए ही पता कर लेते हैं।

ऑफिस के लिए तैयार होते समय ज़रूरी बात, जूतों पर सबसे पहले ध्यान दें (Startup tips : Start with the shoes)

ऑफिस के लिए आपको बहुत फ़ैन्सी दिखने वाले जूतों की ज़रूरत नहीं है, बल्कि आपको यह ध्यान में रखना चाहिए कि आप जिन जूतों का इस्तेमाल ऑफिस के लिए करने जा रहे हैं वे दिखने में शालिन हों और एक क्लासी लुक दें। इस श्रेणी में गहरे  ब्राउन कलर के शूज ज़्यादातर लोगों की खास पसंद होते हैं, आप चाहें तो इसकी जगह अपनी पसंद का कोई दूसरा कलर भी चुन सकते हैं। कई कंपनियाँ स्पोर्ट्स शूज के साथ फॉर्मल शूज का भी निर्माण करती है, आप इन्हें ऑनलाइन या मार्केट से सीधे प्राप्त कर सकते हैं। पैरों के लिए क्लासी लुक देने के साथ ऐसे जूते आपको ऊर्जावान होने का भी एहसास दिलाते रहते हैं।

बेहतर एसेसरीज़ का चुनाव करें (Startup friendly Accessories tips – Choose a nice accessory)

ऑफिस में नए नए फैशन और ट्रेंड्स के लिए कोई खास जगह नहीं होती, इस बात का ध्यान रखते हुये सबका ध्यान आपकी तरफ आकर्षित करने वाली एसेसरीज़ से बचें। अगर आपने ट्रेंडी दिखने के लिए कानों में पियर्सिंग करवाई है तो इसे हटा दें, इसके साथ साथ गले की कोई फंकी सी दिखने वाली एसेसरिस या ब्रेसलेट आदि ऑफिस के लिए बेहतर नहीं होते और आपकी पर्सनालिटी को गलत तरीके से लोगों के सामने पेश कर सकते हैं। इन सब की जगह आपको एक ऐसी हैंडवॉच का इस्तेमाल करना चाहिए जो ब्राउन जैसे शालिन कलर की बेल्ट के साथ हो, कई नामी और बड़ी कंपनियाँ हैं जो  हाथों के लिए फॉर्मल घड़ी बनाती हैं, ऐसी ही किसी घड़ी का चुनाव आप ऑफिस में अपनी शुरुआत के साथ कर सकते हैं।

शानदार शर्ट (Startup casual dress for men – Pick up a cool shirt)

अगर आप ऑफिस के व्हाइट कॉलर जॉब के नाम के साथ बोरियत महसूस करते है तो आपके लिए ऐसे कई ऑप्शन हैं जिनकी मदद से आप ऑफिस में भी एक कूल लुक पा सकते हैं। नए ऑफिस में अपने आप कम्फ़र्टेबल दिखाने के लिए लूज़ फिटिंग प्लेड या बड़े बड़े चेक्स वाली डिज़ाइन की शर्ट काफी काम आ सकती है। आप इस डिज़ाइन में गहरे रंग के कपड़ों का प्रयोग कर सकते हैं जो ऑफिस के वातावरण में बेदाद खुशनुमा लगेंगे। इस श्रेणी में डेनिम की शर्ट आप के लिए एक बेहतरीन ऑप्शन हो सकती है।

एक बेहतरीन जींस के साथ लें नए ऑफिस में प्रवेश (Get the right jeans)

नए ऑफिस में काम के पहले दिन से ही अपने द्वारा पहने जाने वाले जींस पर खास ध्यान दें, आजकल स्मार्ट लुक वाले कैजुअल जींस बहुत आसानी से मिल जाते हैं, जिनमें ब्लैक कलर का चुनाव किया जा सकता है क्योंकि यह अधिकांश रंगों कीशर्ट के साथ मैच कर जाते हैं। जींस की कटिंग पर भी खास ध्यान देना ज़रूरी है जो पहनने में भी सुविधाजनक हो।


इन पहनने की छोटी छोटी सी बातों पर ध्यान रखकर आप नए ऑफिस में अपनी एक खास पहचान और अपनी पर्सनालिटी को एक शालिन रूप में व्यक्त कर सकते हैं जो ऑफिस के वातावरण के लिए बहुत ज़रूरी और आपके लिए फायदेमंद भी है।
सुंदर एवं सुडोल पीठ लिए घरेलु उपाए
आजकल के इस बदलते दौर में महिलाओं का पहनावा पहले के समय के मुकाबले काफी बदल गया है. आज के समय में महिलाओं के बीच नीचे गले (deep neck) डालने का चलन तेज़ी से बढ़ता जा रहा है. गहरे गले के न सिर्फ ब्लाउज बल्कि सूट भी काफी पसंद किये जाते है. गहरे गले के कपड़े पहने जाने के बाद भी अधिकतर महिलाएं केवल अपने चेहरे की सुन्दरता की ओर ही ध्यान देती है. गर्दन, हाथ, बाल आदि का, और पीठ को साफ़ रखना उनके लिए आवश्यक ही नहीं होता. अक्सर महिलायें केवल अपने चेहरे को साफ़ करके ही सुन्दरता के प्रति संतुष्ट हो जाती है. इसी वजह से महिलाएं चेहरे से तो सुन्दर लगती है परन्तु जब नजर पीठ की ओर जाती है तो चेहरे की सुन्दरता की भी वैल्यू कम जाती है. इसलिए जितना जरूरी चेहरे आदि को साफ़ करना होता है उनता ही जरूरी पीठ को भी साफ करना होता है. गहरे गले के ब्लाउज व सूट आदि डालने के कारण महिलाओं की पीठ काफी खुली रहती है जिसके कारण पीठ बहुत जल्दी मैली हो जाती है. अतः यह आवश्यक है कि जितना ध्यान व समय चेहरे की खूबसूरती की ओर दिया जाता है उसमें से थोडा समय और ध्यान पीठ की ओर भी दिया जाए.

पीठ के सुन्दर न रहने के कारण :-

हमारी पीठ के साफ़ न रह पाने का सबसे बड़ा कारण यह होता है की हम स्वयं अपनी पीठ को आसानी से साफ़ नहीं कर पाते. हम अपने शरीर के उन अंगो को तो आसानी से साफ़ कर लेते है जिन्हें हम स्वयं देख सकते है और जहाँ हमारे हाथ आसानी से पहुँच जाते है. परन्तु पीठ को ना हम देख पाते है और ना ही हमारा हाथ आसानी से पहुँच पाता है. इसी कारण के रहते हम अपनी पीठ को ठीक प्रकार से साफ़ नहीं कर पाते है. नहाते समय भी हमारी पीठ ठीक प्रकार से साफ़ नहीं हो पाती है जिसके कारण धीरे-धीरे पीठ पर मैल की परतें जमना शुरू हो जाती है. मैल व गंदगी के कारण पीठ पर काले धब्बे भी हो जाते है जिनकी वजह से खुजली की समस्या भी उत्पन्न हो जाती है. इनके अलावा पीठ के खुले रहने के कारण भी इस पर धुल-मिटटी के साथ साथ धुप की तेज़ किरणों का हमारी पीठ पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. बाहर आने जाने के कारण हमारे शरीर के खुले हिस्सों का रंग धीरे धीरे काला पड़ने लग जाता है. जिससे हमारी सुन्दरता में कमी आने लगती है.

हमारी पीठ के मैले होने का कारण न केवल बाहरी धुल-मिटटी व धुप है बल्कि घर में रहते हुए भी कई कारणों से हमारी पीठ मैली हो जाती है. जैसे जिनके बाल तैलीय होते है तथा सिर में रुसी की समस्या होती है, सिर में रुसी होने के कारण कई बार रुसी कमर पर भी झड़ती है तथा बाल भी छुते है, जिसके कारण पीठ पर दाग आदि हो जाते है जो हमारी सम्पूर्ण सुन्दरता में बाधा बनते है. इसके अलावा रसोईघर में काम करते हुए पसीना आने के कारण भी अक्सर महिलाओं की कमर पर मैल जम जाता है. इसके साथ साथ गर्मी के मौसम में घुमोरियां भी एक बहुत बड़ा कारण है कमर के सुन्दर न दिखने का.

अधिकतर महिलाओं के मोटापे के कारण उनकी पीठ के दोनों ओर मांस बढ़ जाने के कारण भी पीठ भद्दी लगती है. इसके अलावा कुछ स्त्रियों के कमर पर बाल होते है जिसके कारण भी पीठ भद्दी लगती है. इन सब समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए समय समय पर पीठ को साफ़ रखना आवश्यक है साथ ही उचित खान-पान, नियमित व्यायाम, मालिश, ब्लीचिंग आदि तरीको को अपनाना चाहिए.

उपचार:- पीठ के कालेपन, दाने आदि अनेक समस्याओं के लिए इनकी कारण के अनुसार उचित उपाय अपनाने पर धीरे धीरे इन समस्याओं से निजात पाया जा सकता है.
  1. १.  यदि बालों में रुसी की समस्यां हो और जिसके कारण पीठ पर दाने हो रहे हो तो ऐसे में नहाते समय अपनी पीठ पर किसी औषधियुक्त साबुन या liquid का ही प्रयोग करे. नियमित इसके उपयोग से आपको दानो की समस्यां में लाभ मिलेगा.
  2. इसके अलावा इस बात का भी विशेष ध्यान रखे कि सिर धोते समय या बाद में गीले बालों का पानी आपकी पीठ को न छुए.
  3.  यदि किसी कारण से पीठ पर खुजली होती है तो रात को सोने से पहले अपनी पीठ पर अच्छी गुणवत्ता वाला एक्ने लोशन लगायें. इसके अलावा हर रोज ढीले वस्त्र पहन कर ही सोए. इससे खुजली की समस्या में आराम मिलेगा.
  4. पसीने, धूल-मिटटी व धूप के कारण पीठ पर मैल जम जाता है इसे हटाने के लिए हफ्ते में ३ से ४ बार नहाने से पहले पीठ पर थोडा-सा सरसों का तेल मलकर कुछ देर के लिए छोड़ दे फिर पीठ को मल-मलकर नहाएं जिससे सारा मेल अच्छी तरह से आसानी से छुट जाए.
  5. यदि आप मैल हटाने के लिए साबुन का प्रयोग कर रहे हो और साबुन के प्रयोग से भी मैल साफ़ नहीं हो रहा हो तो थोडा-सा मैदा दूध में मिला लें, एक गाढ़ा घोल तैयार कर लें. अब इस घोल को पीठ पर लगा लें. दस मिनट के बाद गुनगुने पानी से धो लें. इससे त्वचा का कालापन और धुप से झुलसी त्वचा दोनों में आराम मिलेगा.
  6. त्वचा के कालेपन को दूर करने के लिए निम्बू का प्रयोग भी उत्तम रहता है. कमर पर निम्बू का रस लगाने से काफी लाभ मिलता है. निम्बू को छोटे- छोटे टुकड़ों मे काटकर पूरी पीठ पर अच्छी तरह से मल लें. लगाने के दस मिनट बाद या सूखने पर ठन्डे पानी से कमर को अच्छी तरह से साफ़ कर लें.
  7. कई बार महिलाओं के कमर पर छोटे-छोटे बाल होने के कारण भी उनकी पीठ काली नजर आती है. इसके लिए ब्लीचिंग करना एक बेहतर उपाय है. ब्लीचिंग विधि का प्रयोग आप घर पर भी कर सकती है इसके लिए ब्लीचिंग पैक को किसी ब्रुश के द्वारा कमर पर लगायें. इस पैक को १० से १५ मिनट तक लगे रहने दें, फिर पीठ को गर्म पानी से धोकर कोई कोल्ड क्रीम लगा लें. इस विधि का प्रयोग महीने में दो बार करे. ऐसा करने से त्वचा का कालापन दूर हो जायगा साथ ही साथ त्वचा पर चमक आ जायगी. और अवांछित बाल भी छिप जायंगे.
  8. पीठ की त्वचा को सुन्दर, मुलायम व चमकदार बनाने के लिए महीने में कम से कम एक बार किसी अच्छे घरेलु और आयुर्वेदिक फेसपैक का प्रयोग किया जा सकता है. इसके अलावा बेसन का पैक बनाकर भी प्रयोग किया जा सकता है. इसके लिए थोड़े से बेसन में कुछ मात्रा में गुलाबजल व दूध मिला कर एक लेप बना लें. इसे मुँह, गर्दन तथा पीठ पर लगाये. सूखने के बाद ठन्डे पानी से साफ़ कर लें.

Thursday, January 26, 2017

चेहरे के रोम को हटाने के घरेलू उपाय
हमारे शरीर के हर हिस्से में पोर्स होते हैं जो त्वचा को प्राकृतिक तेल प्रदान करते हैं जिसकी वजह से हमारी त्वचा की बाहरी परत कोमल और नमीयुक्त बनी रहती है। पर यह पोर्स डेड स्किन, धूल गंदगी और अन्य वजहों से बंद हो जाते हैं तो त्वचा को प्रकृतिक तेल या नमी मिलना बंद हो जाता है जिसकी वजह से त्वचा ड्राय होने लगती है और साथ ही कठोर भी दिखाई देती है। इसके पश्चात ब्लैकहेड्स, व्हाइटहेड्स और पिंपल जैसी समस्याएँ भी जन्म लेने लगती हैं।

चेहरे के बंद पोर्स स्किन से जुड़ी कई समस्याओं में से एक हैं जो हम में से ज़्यादातर लोगों के लिए एक परेशानी भरा कारण है। अपने त्वचा की नियमित देखभाल के साथ आप अपनी इस समस्या को दूर कर सकते हैं। इसके लिए आपको खास तौर पर नाक के ऊपर और ठोड़ी के आर आस पास की त्वचा की साफ सफाई का विशेष ध्यान रखना पड़ता है। बंद पोरों को साफ करने और उन्हें खोलने के कई प्राकृतिक उपाय मौजूद हैं जो आसान है और घर पर ही किए जा सकते हैं।

भाप के द्वारा पोर्स अनक्लॉग करें (Steaming to unclog facial pores)

त्वचा पर हो रहे किसी भी सख्त प्रभाव को कम करने के लिए भाप या स्टीमिंग से बेहतर कोई उपचार नहीं होता। भाप लेने से त्वचा के बंद पोर खुल जाते हैं और आप इन खुले पोरों की आसानी से सफाई कर उन्हें मुक्त होने में मदद कर सकते हैं।
  • भाप लेने के पहले अपने चेहरे की पूरी तरह से सफाई कर लें, ताकि किसी प्रकार की धूल मिट्टी या गंदगी आपकी त्वचा में न रह जाये। इसके अलावा आपने किसी प्रकार का कोई मेकअप आदि भी किया हो तो वह भी आपकी त्वचा से साफ हो जाना चाहिए।
  • चेहरे की सफाई के लिए किसी मुलायम फेस वॉश या क्लिंजर की सहायता लें।
  • उबलता हुआ पानी एक बड़े मुंह वाली बाल्टी या पैन में लें, जो आपके चेहरे को पूरी तरह कवर कर सके।
  • अब अपने चेहरे को पानी से निकलने वाली भाप के संपर्क में लाएँ और अपने सिर को तौलिये से ढँक लें ताकि यह भाप बाहर न निकल सके।
  • 8 से 10 मिनट तक भाप लेने के बाद गुनगुने पानी से चेहरे को धोएँ और उसके तुरंत बाद ठंडे पानी से दोबारा चेहरा धो लें।
  • गुनगुने पानी से आपके चेहरे के पोर्स की सफाई हो जाती है और ठंडे पानी का इस्तेमाल करने से खुले हुये पोर्स बंद हो जाते हैं।
  • भाप लेने के बाद अपने चेहरे की त्वचा के अनुकूल प्रकार का नैचुरल टोनर या कोई अच्छा सा मोश्चराइजर लगा लें।

पोर्स को प्राकृतिक तरीके से हटाने के लिए सूखा ब्रश करें (Face pores treatment – Dry brushing to unclog facial pores)

ड्राय ब्रश एक ऐसी विधि है जिसका इस्तेमाल आप आसानी से घर पर पोरों की सफाई के लिए कर सकते हैं। इसके लिए कुछ खास तरह से ब्रश पाये जाते हैं जिनके ब्रिसल्स बहुत ही कोमल होते हैं जो त्वचा को किसी भी तरह का नुकसान पहुंचाए बिना पोर्स की सफाई करते हैं।
  • इस विधि को आज़माने के लिए सुनिश्चित कर लें कि आपके चेहरे पर किसी भी प्रकार की मेकअप आदि कोई परत न हो। इससे पहले चेहरे को अच्छी तरह साफ कर लें।
  • साफ करने के बाद चेहरे को पोंछ कर सूखा लेना चाहिए। आपके चेहरे में पानी का कोई अंश नहीं होना चाहिए।
  • ब्रश को चेहरे में गोल घुमाते हुये हल्के हाथों से चलाएं। ज़्यादा दबाव न डालें। चेहरे की त्वचा अत्यधिक नाजुक होती है, इस बात का ध्यान रखते हुये चेहरे पर ब्रश का उपयोग करें।
  • खास तौर पर नाक और ठोड़ी पर फोकस करते हुये ब्रश करें।
  • इस विधि के बाद चेहरे को गुनगुने पानी से धो लें और उसके बाद कोई अच्छा सा मोश्चराइजर चेहरे पर लगा लें।

इलेक्ट्रोनिक एक्सफोलिएटिंग ब्रश से करें बंद पोर्स का उपचार हिन्दी में (How to close pores on face : Electronic exfoliating brushes are the latest addition)

अगर आप बाज़ार में पाये जान एवले इस इलेक्ट्रोनिक आइटम के बारे में नहीं जानते तो आपको यह मालूम होना चाहिए कि यह मशीन चेहरे पर मसाज के साथ क्लिंजिंग आदि का भी काम करती है। इसे घर पर अपने हाथों से आप खुद इस्तेमाल कर सकते हैं जो आपके चेहरे के बंद पोर्स को खोलने और उनकी सफाई में आपकी बहुत मदद करेगी। तो आइये जानें ये इलेक्ट्रोनिक एक्सफोलिएटिंग ब्रश कैसे काम करते हैं।
  • ये आधुनिक इलेक्ट्रोनिक ब्रश आपके क्लिंजर से झाग उत्पन्न कर आपके चेहरे पर जमा गंदगी आदि को बाहर निकालने का काम करते हैं और इस प्रक्रिया को आसान बना देते हैं।
  • ड्राय ब्रश के विपरीत य चेहरे की त्वचा को गीला कर अपना प्रभाव डालते हैं जिससे आसानी से त्वचा की सफाई होती है।
  • विभिन्न तरह के इलेक्ट्रोनिक एक्सफोलिएटिंग ब्रश अलग अलग तरह के फीचर्स के साथ उपलब्ध होते हैं, आप इनमें से बेहतरीन का चुनाव कर सकते हैं।
किसी के चेहरे के हाव भाव से ऐसे पहचाने कि वो झूठ बोल रहा है
झूठ बोलते हुये किसी व्यक्ति को पकड़ लेना न केवल आपकी एक कला बन सकता है बल्कि यह आपको और आपके करीबी लोगों को धोखेबाजी से भी बचा सकता है। बॉडी लैंगवेज़ यह बताने में मदद करती है की सामने वाला व्यक्ति आपके प्रति ईमानदार है या नहीं। पर पूरे निष्कर्ष तक पहुँचने के पहले व्यक्ति और उससे जुड़ी हर पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी भी बहुत ज़्यादा ज़रूरी होती है, इसीलिए इस सब बातों का विस्तार से पता लगाने के बाद ही अपनी तरफ से कोई निष्कर्ष सार्वजनिक करें। कुछ लोग अपने हाव भाव और एक्सप्रेशन छिपाने में भी माहिर होते हैं जो अक्सर एक लंबे समय से झूठ बोलने या धोखा देने में पारंगत होते हुये अपनी बॉडी लैंगवेज़ को छिपा सकने में सफल हो जाते हैं।

पर फिर भी कुछ ऐसे संकेत हैं जिनके माध्यम से आप सामने वाले के द्वारा बोले गए झूठ को पकड़ सकते हैं, और किसी को धोखे से बचाकर उसके जीवन को आसान बना सकने में उसकी सहायता कर सकते हैं। जब कोई व्यक्ति झूठ बोलता है तो कुछ इस तरह की बॉडी लैंगवेज़ और हाव भाव को आसानी से देखा जा सकता है।

छोटे छोटे हाव भाव पर ध्यान दें (Catching the micro-expressions is the key)

शोधकर्ताओं के अनुसार अत्यंत मामूली और छोटे छोटे संकेतों को हाव भाव के माध्यम से समझ पान आसान होता है और आप जान पाते हैं की सामने खड़ा व्यक्ति आपसे झूठ बोल रहा है। इमनें सबसे सामान्य सा एक संकेत यह है कि, झूठ बोलने वाला पुरुष या महिला आपके सामने सामान्य नहीं रह पाते और थोड़े परेशान रहते हैं। उनकी आँखों या चेहरे को अगर आप ध्यान से कुछ सेकंड के लिए भी देखें तो आपको यह साफ नज़र आएगा की वे कुछ परेशान से हैं जिसे छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। उनके माथे में सिकुड़न नज़र आती हैं और भौहें भी सिकुड़ी हुई सी रहती है। ये कुछ बहुत ही सामान्य और मामूली से छोटे छोटे संकेत हैं जो झूठ को पकड़ने में आपकी मदद कर सकते हैं।

होंठ या मुंह का सूखना (A drying mouth)

यदि कोई किसी गंभीर बात पर झूठ बोल रहा है तो इस खास संकेत से आप उस झूठ को पकड़ सकते हैं। अगर बात करते समय उसकी जुबान बार बार सूखे और वह थोड़े थोड़े अंतराल में पानी के घूंट पिये तो समझ लें कि यह जो भी बोल रहा है वह पूरी तरह सच नहीं है। जुबान सूखने कि मुख्य वजह चिंता होती है, झूठ बोलते समय बड़ी हुई यह चिंता गले या जीभ के सूखने के रूप में नज़र आ जाती है।

आँखों में देखें (Look for the eyes)

कहते हैं कि आँखों से लोगों के कई राज खुल जाते हैं। आप भी आँखों को पढ़कर यह जान सकते हैं कि सामने वाला पुरुष या महिला आपसे सच कह रहे हैं या झूठ। आँखों की भाषा से आप काही गई बात सच है या झूठ, यह पता कर सकते हैं।
अगर सामने वाला व्यक्ति या महिला बात करते समय आपसे आँखें न मिलाये या आँखों का संपर्क बनाने से कतराती हुई नज़र आए तो समझ लें कि उनकी बात में सच्चाई नहीं है। और ऐसे लोगों का बिल्कुल भरोसा न करें। पर ऐसे भी कई लोग होते हैं जो आदतन झूठ बोलने में माहिर होते हैं और झूठ बोलने की कला में उन्हें पकड़ पाना मुश्किल होता है। ऐसे लोग आपसे नज़रें मिलाकर बिना पलक झपकाए सारी बात बोल देते हैं। और इसके विपरीत कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो तोते अंतर्मुखी होने की वजह से भी आँखें मिलाकर बात करने से कतराते हैं, तो इस संकेत को समझते वक़्त बहुत सावधानी की ज़रूरत पड़ती है, यह काम थोड़ा पेंचीदा हो सकता है।
बालों का झड़ना या हेयर फॉल को रोकने के लिए करे इन आहारों का सेवन
लोगों को अक्सर बाहरी तौर पर सारे प्रयोग करने की आदत होती है। उदाहरण के लिए बालों की समस्याओं को दूर करने के लोग अधिकांश लोग अच्छे शैंपू, हेयर मास्क, कंडीशनर आदि पर ध्यान देते हैं लेकिन कोई अपने डाइट के बारे में नहीं सोचता। यह बात सही है कि खानपान की आदत का असर हमारी सेहत पर भी पड़ता है और इसे अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए। कुछ खास तरह के ऐसे भोजन होते हैं जिनको अपने रोज़मर्रा के आहार में शामिल करके हम बालों को झड़ने से बचा सकते हैं या उनका झड़ना कम कर सकते हैं। ये भोज्य पदार्थ सब्जी और फलों के रूप में हमारे आस पास पाये जाते हैं जिंका नियमित सेवन करने से बालों की सेहत को बेहतर रखने में मदद मिलती है। इसके अलावा आजकल कि दिनचर्या में मिर्च मसालेदार और तले भुने भोजन की अधिकता की वजह से भी बालों पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इसके विपरीत हमारे पास प्रकृति द्वारा प्रदत्त कई वरदानरूपी फल व सब्जियाँ है जो सेहत और खासकर बालों के लिए बहुत उपयोगी होती हैं। भले ही इनका स्वाद उतना अच्छा नहीं होता लेकिन इनके सेवन से हम अपने बालों को बिना किसी साइड इफेक्ट के ज़रूरी पोषण दे सकते हैं। इस आर्टिकल में ऐसे ही कुछ खास भोज्य पदार्थों पर चर्चा की जा रही है।

बेस्ट डाइट जो बालों का झड़ना कंट्रोल करे (Best diet to control hair loss/ hair fall)

पोल्ट्री मीट (Poultry meat)

अगर आप नॉनवेजिटेरियन हैं तो आपके लिए यह जानना ज़रूरी है कि रेड मीट की बजाए स्किनलेस चिकन काफी बेहतर होता है क्योंकि इसमें वसा और कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम होती है। दो तरह के प्रोटीन पाये जाते हैं जिसे सामान्य प्रोटीन और एनिमल प्रोटीन के रूप में विभक्त किया गया है। एनिमल प्रोटीन बालों और त्वचा के लिए अधिक प्रभावकारी होते हैं। अगर आपको बाल झड़ने की समस्या का हल नहीं मिल रहा है तो आपको पोल्ट्री मीट का इस्तेमाल अपने भोजन में एक संतुलित मात्रा में करना चाहिए।

पिस्ता (Pistachios)

बालों कि ग्रोथ में सूखे मेवों का विशेष महत्व है। खास तौर पर पिस्ता बालों के लिए बहुत गुणकारी होता है। इसमें बीटा सिस्टोस्टेरोल की भरपूर मात्रा होती है जो गंजेपन के उपचार में मददगार होता है। बड़ी दुकानों या मॉल आदि में इस ड्राइ फ्रूट को आसानी से प्राप्त किया जा सकता है, यह आपको बालों को झड़ने से तो बचाता ही है साथ ही बालों का लचीलापन भी बरकरार रखता है।

मगज या कद्दू के बीज (Pumpkin seeds)

आप कद्दू का प्रयोग सब्जी के रूप में तो करते ही होंगे लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके बीज जिसे आम तौर पर मगज के दानें भी कहा जाता है, यह बालों की सेहत के लिए बहुत उपयोगी होते हैं। हमारे शरीर को नियमित रूप से पर्याप्त मात्रा में मिनरल्स की ज़रूरत पड़ती है। कई तरह के मिनरल्स के अलावा यह ज़िंक का भी एक बेहतरीन स्रोत है। यह सिर की पपड़ीदार त्वचा को ठीक करने में भी मदद करता है जो बालों के झड़ने का एक मुख्य कारण है। अगर आप इसके भुने हुये दानें लेते हैं तो इसके पोशाक तत्वों में कुछ कमी आ जाती है। इसे कच्चा या सूखी अवस्था में ही लेना ज़्यादा गुणकारी होता है।

बालों के लिए चाइनीज सब्जी के उपाय (Bok choy)

यह पत्तागोभी की ही तरह दिखने वाली एक सब्जी है जिसका प्रयोग कई चाइनीज रेसिपी में किया जाता है। गहरे हरे रंग की ये पत्तेदार सब्जी बालों को विशेष रूप से लाभ प्रदान करती है। यह आयरन से भरपूर एक सब्जी है, बालों को होने वाले लाभ से अनेक लोग अभी भी अंजान है। आप इसे किसी भी सुपर मार्केट आदि से प्राप्त कर सकते है यह बालों के साथ खून की कमी आदि समस्याओं को भी दूर करती है।

हेलिबट मछली से सेवन से करें हेयर फॉल का घरेलू इलाज (Halibut)

अधिकांश तरह की मछलियों में ओमेगा3 फैटी एसिड की प्रमुखता होती है जो बालों के लिए बहुत लाभकारी होते हैं। हेलिबट भी उन खास कुछ मछलियों में से एक है जो बालों को सेहत प्रदान करने का कम करती है और इसके सेवन से बालों का झड़ना भी कम होता है। यह बालों को प्राकृतिक चमक और सेहत प्रदान करता है। इसके अलावा इसके सेवन से बालों को प्राकृतिक सुंदरता और मजबूती भी प्राप्त होती है। अगर आप मछलियों का सेवन अपने भोजन में करते हैं तो इस खास मछली को अपने आहार में जगह ज़रूर दें। यह आपके झाड़ते बालों की संख्या को कम करने में मदद करेगी।

खास मशरूम से करें झाड़ते बालों का इलाज (Shiitake mushrooms)

अक्सर कई लोगों को मशरूम का स्वाद बेहद पसंद आता है, कुछ खास किस्म के मशरूम मौसमी भी होते हैं जो केवल एक नियत समय में ही पाये जाते हैं। शिटाकी मशरूम उन खास मशरूम में से एक है जो बालों के लिए बहुत खास तरीके से काम करता है। यह बालों को झड़ने से बचाता है और इसे मजबूती भी देता है। त्वचा से जुड़ी समस्याओं के उपचार के लिए यह एक बेहतर विकल्प है। इस मशरूम में कॉपर की अधिकता होती है जो कमजोर बालों को मजबूती प्रदान करता है बालों का रंग भी प्राकृतिक रूप से लंबे समय तक जवां बनाए रखता है। जहां हमारे शरीर को 1.5 मिलीग्राम की कॉपर की मात्रा रोजाना के तौर पर ज़रूरी होती है, वहीं इसके उपयोग से इस कमी को पूरा किया जा सकता है।